Avdhesanand

स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज हिंदू आध्यात्मिक गुरु, संत, लेखक और दार्शनिक हैं। स्वामी अवधेशानंद गिरि जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर हैं, उन्हें जूना अखाड़े का प्रथम पुरुष मान जाता है। जूना अखाड़ा भारत में नागा साधुओं का सबसे पुराना और सबसे बड़ा समूह है। स्वामी अवधेशानंद गिरि ने लगभग दस लाख नागा साधुओं को दीक्षा दी है और वे उनके पहले गुरु हैं। इनका आश्रम कनखल, हरिद्वार में है। स्वामी अवधेशानंद गिरि हिंदू धर्म आचार्य सभा के अध्यक्ष हैं। प्रारंभिक जीवन और संन्यास
स्वामी अवधेशानंद गिरि का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। ऐसा बताते हैं कि अपने बाल्य काल में स्वामी अवधेशानंद गिरि प्रायः अपने पिछले जन्म के बारे में बात करते थे। उन्होंने १७ वर्ष की आयु में संन्यास के लिए घर छोड़ दिया।
घर छोड़ने के बाद उनकी भेंट स्वामी अवधूत प्रकाश महाराज से हुई। स्वामी अवधूत प्रकाश महाराज योग के विशेषज्ञ और वेद शास्त्रों के बडे जानकार थे। स्वामी अवधेशानंद गिरि ने उनसे वेदांत दर्शन और योग की शिक्षा ली।
गहन ध्यान और तप के बाद वर्ष 1985 में स्वामी अवधेशानंद जब हिमालय की कंदराओं से बाहर आए तो उनकी भेंट अपने गुरु, पूर्व शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि से हुई। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि से उन्होंने संन्यास की दीक्षा ली और अवधेशानंद गिरि के नाम से जूना अखाड़ा में प्रवेश किया।
वर्ष 1998 के हरिद्वार कुंभ में, जूना अखाड़े के सभी संतों ने मिलकर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी को आचार्य महामंडलेश्वर के रूप में नियुक्त किया। वह श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य हैं।
वर्तमान में, स्वामी अवधेशानंद गिरि प्रतिष्ठित समनव्य सेवा ट्रस्ट, हरिद्वार के अध्यक्ष हैं, जिसकी भारत और विदेश में कई शाखाएँ हैं। इस ट्रस्ट में विश्व प्रसिद्ध, भारत माता मंदिर, हरिद्वार सम्मिलित हैं।

अंतर्राष्ट्रीय मंच
स्वामी अवधेशानंद गिरि ने जलवायु परिवर्तन, विभिन्न संप्रदायों में भाईचारे के लिए कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की अध्यक्षता की है और उन्हें नियमित रूप से कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आमंत्रित भी किया गया है। स्वामी अवधेशानंद गिरि मई 2019 में आयोजित ‘Responsible Leadership Summit’ के लिए UNO में मुख्य वक्ता थे, जिसमें संसार भर से समाज के विभिन्न वर्गों के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इज़रायल के राष्ट्रपति के साथ स्वामी अवधेशानंद गिरि २०११ में, स्वामी अवधेशानंद गिरि ने २०१० में कनाडा के विनिपेग में आयोजित इंटरफेथ जी 8 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। वह 2009 में मेलबर्न में आयोजित “विश्व धर्म संसद” में मुख्य वक्ता थे। उसी वर्ष उन्होंने जेरूसलम में ‘हिंदू यहूदी शिखर सम्मेलन’ में भाग लिया। 2008 में स्वामी अवधेशानंद गिरि ने इज़रायल की Presidential Conference “FACING TOMORROW’ में भी भाग लिया।
अगस्त २०१७ में, स्वामी अवधेशानंद गिरि ने “संवाद II: ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवॉइडेंस एंड एनवायरनमेंटल कॉन्शसनेस” में भाग लिया जो कि म्यांमार के यांगून में हुआ था। इस सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने किया और समापन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। यह सम्मेलन हिंदू धर्म आचार्य सभा के सहयोग से विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (भारत), सीतागु इंटरनेशनल बौद्ध अकादमी और विश्वविद्यालय, म्यांमार और जापान फाउंडेशन, जापान द्वारा आयोजित किया गया था।
सितंबर २०१९ में स्वामी अवधेशानंद गिरि मंगोलिया में उलान बातर में आयोजित संवाद-III: ग्लोबल हिंदू-बुद्धीस्ट इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवोइडेंस में हिस्सा लिया। भारत से श्री सुशील मोदी (बिहार के उपमुख्यमंत्री), श्री गुरुमूर्ति और श्री श्री रविशंकर भी जापान, कोरिया, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड के उच्च राजदूतों भी इस आयोजन में सम्मिलित थे।

सामाजिक पहल
हरिद्वार में, एक वृद्धाश्रम और एक फिजियोथेरेपी सेंटर समन्वय सेवा ट्रस्ट के तहत चल रहा है। मध्य प्रदेश में भोपाल में एक शैक्षिक और जल संरक्षण के लिए शिव गंगा परियोजना परियोजना चल रही है।

दर्शन और उपदेश
स्वामी अवधेशानंद गिरि को वेदांत और प्राचीन भारतीय दर्शन विषयों का गहरा ज्ञान है। वह संस्कृत में स्नातक हैं और 2008 में उन्हें विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से डी लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। ।

आध्यात्मिकता
स्वामी अवधेशानंद गिरि विभिन्न टीवी चैनलों जैसे संस्कार टीवी और कई बड़े आयोजनों जैसे कुंभ मेला, एनसाइक्लोपीडिया ऑफ हिंदूइज़्म और विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (देश, समाज और व्यक्ति) जैसे कार्यक्रमों में एक नियमित वक्ता हैं।
स्वामीजी विभिन्न समाचार पत्रों में स्तंभकार के रूप में लेख भी लिखते हैं। स्वामी अवधेशानंद गिरि के कई हाई-प्रोफाइल अनुयायी हैं। बॉलीवुड से लेकर राजनेताओं तक उनके हरिद्वार स्थित हरिहर आश्रम में कई हाई प्रोफाइल लोग पहुंचते रहे हैं। अक्टूबर 2019 में, भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने हरिहर आश्रम का भ्रमण किया। वो आईआईटी(IIT) रुड़की के दीक्षांत समारोह में उपस्थित होने हरिद्वार गए थे। २०१८ में, गृह मंत्री अमित शाह एवं राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी हरिहर आश्रम गए थे।

ग्रन्थसूची
स्वामी अवधेशानंद अपने व्याख्यानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं और भारतीय आध्यात्मिक दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से लिखा है।

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